
धमाका: देवरिया में प्रशासनिक हड़कंप! वकील की मौत मामले में SDM विपिन द्विवेदी सस्पेंड, लापरवाही पर योगी सरकार का कड़ा प्रहार विभागीय जांच के आदेश
लखनऊ /देवरिया उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
देवरिया/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराते हुए देवरिया के बरहज में हुए चर्चित वकील मौत मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने बरहज के एसडीएम (SDM) विपिन द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर जांच में घोर लापरवाही बरतने और कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
बरहज तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों एक अधिवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय वकीलों में भारी आक्रोश व्याप्त था। आरोप था कि प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है और साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ की गुंजाइश बन रही है।
अधिवक्ताओं के लगातार विरोध और न्याय की मांग के बीच, शासन स्तर पर इस मामले की प्रारंभिक समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि एसडीएम विपिन द्विवेदी ने जांच प्रक्रिया में न केवल ढिलाई बरती, बल्कि उच्चाधिकारियों को गुमराह करने और तथ्यों की अनदेखी करने का भी प्रयास किया।
निलंबन और विभागीय जांच के आदेश
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
तत्काल प्रभाव से निलंबन: एसडीएम विपिन द्विवेदी को उनके पद से हटाते हुए निलंबित कर दिया गया है।
कठोर विभागीय जांच: उनके विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है।
जवाबदेही तय: शासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक खेमे में मचा तहलका
इस कार्रवाई के बाद देवरिया से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। वकीलों के संगठन ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि उनकी मांग है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ केवल विभागीय ही नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
”न्याय की राह में बाधा बनने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। बरहज की घटना में लापरवाही के साक्ष्य मिलने पर ही यह कड़ा कदम उठा
या गया है।” –

